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विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 1 सितम्बर, १९७२

क्र.२५६५६-इक्कीस-अ (प्रा.) - मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम, जिस पर दिनांक २८ अगस्त, १९७२ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, एतद्द्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।

मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,


मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) राजभाषा (अनुपूरक उपबंध) अधिनियम-१९७२
क्रमांक २६, सन्‌ १९७२

(दिनांक २८ अगस्त, १९७२ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई, अनुमति "मध्यप्रदेश राजपत्र'' (असाधारण) में दिनांक 1 सितम्बर, १९७२ को प्रथम बार प्रकाशित की गई।)
राज्य विधान मण्डल द्वारा मूलतः अंग्रेजी में पारित की गई विधियों के प्राधिकृत हिन्दी पाठों के प्रकाशन के लिये तथा उससे संबंधित के लिए उपबंध करने के हेतु अधिनियम
भारत गणराज्य के तेईसवें वर्ष में मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में वह अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम

  1. यह अधिनियम छत्तीसगढ़ राजभाषा (अनुपूरक उपबंध) अधिनियम, १९७२ कहा जा सकेगा।

परिभाषाएं

  1. इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,
    (क)"छत्तीसगढ़ विधि'' से अभिप्रेत है -
    (एक) कोई अधिनियमिति जो राज्य विधान मण्डल द्वारा मूलतः अंग्रेजी में पारित की गई हो; या
    (दो) कोई विनियम जो भारत के संविधान की पंचम अनुसूची के अधीन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा मूलतः अंग्रेजी में बनाया गया हो;
    और उसके अंतर्गत कोई ऐसी अधिसूचना, आदेश, नियम, विनियम या उपविधि आती है जो कि उसके अधीन अंग्रेजी भाषा में जारी की गई हो या बनाई गई हो,
    (ब) अभिव्यक्ति "हिन्दी'' का वही अर्थ होगा जो कि मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ आफिशियल लेंग्वेज एक्ट, १९५७ (क्रमांक ५, सन्‌ १९५८) में उस अभिव्यक्ति के लिए दिया गया है।

छत्तीसगढ़ विधि के प्राधिकृत हिन्दी पाठ

  1. किसी छत्तीसगढ़ विधि का छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के प्राधिकार से तैयार किया गया तथा उनके प्राधिकार के अधीन राजपत्र में प्रकाशित किया गया हिन्दी अनुवाद उसका प्राधिकृत हिन्दी पाठ समझा जायगा।
भोपाल, दिनांक 1 सितम्बर, १९७२

क्र.२५६५७-इक्कीस-अ-(प्रा.)-भारत के संविधान के अनुच्छेद ३४८ के खण्ड (३) के अनुसरण में, मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा (अनुपूरक उपबन्ध) अधिनियम, १९७२ (क्र.२६,सन्‌ १९७२) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है।


मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,

MADHYA PRADESH/CHHATTISGARH ACT
THE MADHYA PRADESH/CHHATTISGARH RAJBHASHA (ANUPURAK UPBANDHA) ADHINIYAM, 1972
No. 26 of 1972

[Received the assent of the Government on the 28th August, 1972; assent first published in the "Madhya pradesh Gazette" Extraordinary, on the 1st September, 1972.]
An Act to provide for the publication of authoritative texts in Hindi of laws passed originally by the State Legislature in English and for matters connected therewith.
Be it enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the Twentythird Year of the Republic fo India as follows -

  1. This Act may be called the Chhattisgarh Rajbhasha (Anupurak Upabandha) Adhiniyam, 1972.

Definitions -

  1. . In this Act, unless the context otherwise requires -
    1. "Chhattisgarh Law" means -
      1. an enactment passed originally by the State Legislature; or
      2. a Regulation made originally by the Governor of Chhattisgarh under the Fifth Schedule to the Constitution of India;
      3. In English language and includes any notification, order, rule, regulation or byelaw issued or made thereunder in English language;
    2. (b) Expression "Hindi" shall have the meaning assigned to that expression in Madhya Pradesh/Chhattisgarh Official Language Act, 1957 (No.5 of 1958).

Authoritative texts in Hindi of Chhattisgarh Law

  1. A translation in Hindi made by and published under the authority of the Governor of Chhattisgarh in the Gazette of any Chhattisgarh Law shall be deemed to be the authoritative text thereof in Hindi.
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक ४ जनवरी, १९७३

क्र. ५५२-इक्कीस-अ-(प्रा.)-मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम, जिस पर दि. २० दिसम्बर १९७२ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, एतद्द्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।


मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,

मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, १९७२ क्रमांक १, सन्‌ १९७३
(दिनांक २० दिसम्बर, १९७२ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई, अनुमति "मध्यप्रदेश राजपत्र'' (असाधारण) में दिनांक ४ जनवरी, १९७३ को प्रथम बार प्रकाशित की गई।)
मध्यप्रदेश आफिशियल लेंग्वेज एक्ट, १९५७ को संशोधित करने हेतु अधिनियम

भारत गणराज्य के तेईसवें वर्ष में मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम -

  1. यह अधिनियम छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, १९७२ कहा जा सकेगा।
    धारा ३ का संशोधन
  2. मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ आफिशियल लेंग्वेज एक्ट, १९५७ (क्रमांक ५, सन्‌ १९५८) की धारा ३ को उसकी उपधारा (१) के रूप में क्रमांकित किया जाय और इस प्रकार पुनःक्रमांकित की गई उपधारा (१) के पश्चात्‌ निम्नलिखित उपधारा अन्तःस्थापित की जाय, अर्थात्‌ :-
    "(२) राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग में लाये जाने वले अंकों का रूप अंकों का देवनागरी रूप होगाः
    परन्तु राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, राज्य के किसी शासकीय प्रयोजन के लिए भारतीय अंकों के अन्तर्राष्ट्रीय रूप के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकेंगी।''
भोपाल, दिनांक ४ जनवरी, १९७३

क्र. ५५३-इक्कीस-अ-(प्रा.)-भारत के संविधान के अनुच्छेद ३४८ के खण्ड (३) के अनुसरण में, मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, १९७२ (क्रमांक १, सन्‌ १९७३) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है।


मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,

THE MADHYA PRADESH/CHHATTISGARH OFFICIAL LANGUAGE (AMENDMENT) ACT, 1972 No. 1 of 1973

[Received the assent of the Governor on the 20th December, 1972; assent first published in the "Madhya Pradesh Gazette" Extraordinary, on the 4th January, 1973]
An Act to amend the Madhya Pradesh/Chhattisgarh Official Language Act, 1957.
Be it enacted by the Madhya Pradesh/Chhattisgarh, Legislature in the Twonty-third Year of the Republic of India as follows: -

Short title-

  1. This Act may be called the Chhattisgarh, Official Language (Amendment) Act, 1972.

Amendment of section 3

  1. Section 3 of the Madhya Pradesh/Chhattisgarh, Official Language Act, 1957 (No.5 of 1958), shall be numbered as sub-section -
    (1) Thereof and after sub-section (1) as so renumbered, the following sub-section shall be inserted, namely: -
    "(2) The form of numerals to be used for the official purposes of the State shall be the Devanagari form of numberals:

Provided that the State Government may, be notification, authorise the use of the international form of India numerals in addition to the Devanagari form of numerals for any of the official purposes of the State."

विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक २३ मार्च, १९८७

क्र. ४९१६-इक्कीस-अ-(प्रा.)-मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम, जिस पर दि. १८ मार्च, १९८७ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, एतद्द्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।


मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,

मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, १९८७
क्रमांक १६, सन्‌ १९८७

(दिनांक १८ मार्च, १९८७ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई, अनुमति "राजपत्र'' (असाधारण) में दिनांक २३ मार्च, १९८७ को प्रथम बार प्रकाशित की गई।)

मध्यप्रदेश आफिशियल लेंग्वेज एक्ट, १९५७ को संशोधित करने के हेतु अधिनियम

भारत गणराज्य के अड़तीसवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप से यह अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम -

  1. इस अधिनियम संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा (संशोधन) अधिनियम, १९८७ है।

धारा ४ का संशोधन

  1. मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम, १९५७ (क्रमांक ५, सन्‌ १९५८) की धारा ४ को उसकी उपधारा (१) के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाये और इस प्रकार पुनर्क्रमांकित उपधारा (१) के पश्चात्‌ निम्नालिखित उपधारा अन्तःस्थापित की जाये, अर्थात्‌ :- "(२) उपधारा (१) में वर्णित समस्त विधेयकों, अधिनियमों और अध्यादेशों में तथा समस्त आदेशों, नियमों, विनियमों और उपविधियों में प्रयोग में लाये जाने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अन्तर्राष्ट्रीय रूप होगा।''
मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़) के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हस्ता०/-
बा.रा.दुबे, सचिव,