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छत्तीसगढ शासन
संस्कृति विभाग
(मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम २००० (क्रमांक २८ सन्‌ २०००) की धारा ७९ द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए अविभाजित मध्यप्रदेश में प्रवृत निम्नलिखित अधिनियम/नियम/विधियां छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा अनुकूलित-अधिसूचना क्र.एफ ७-२७/व.सं./२००२ दिनांक २२ अक्टूबर २००२)
मध्यप्रदेश राजभाषा अधिनियम १९५७
(क्रमांक ५, सन्‌ १९५८)
"२४ जनवरी सन्‌ १९५८ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई और यह अनुमति "मध्यप्रदेश राजपत्र' में दिनांक ७ फरवरी, सन्‌ १९५८ को प्रथम बार प्रकाशित की गई''

मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राज्य की राजभाषा घोषित करने हेतु अधिनियम

चूंकि हिन्दी को मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ राज्य के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त की जाने वाली भाषा के रूप में अंगीकार करने के लिए उपबंध करना वांछनीय हैः अतः भारत गणराज्य के आठवें वर्ष में मध्यप्रदेश-विधान-मण्डल द्वारा इसे निम्नलिखित रूप में अधिनियमित किया जाता है -

  1. संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ -
    (१) यह अधिनियम छत्तीसगढ़ राजभाषा अधिनियम, १९५७ कहलाएगा।
    (२) इसका विस्तार-क्षेत्र सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ होगा और यह "राजपत्र'' में प्रकाशित होते ही तुरन्त प्रभावशील होगा।
  2. परिभाषाएं - इस अधिनियम में जब तक कि कोई बात विषय या प्रसंग में विपरीत न हो, हिन्दी से तात्पर्य देवनागरी लिपि में लिखित हिन्दी से है।
  3. राज्य के राजकीय प्रयोजनों के लिए राजभाषा - एतद्पश्चात्‌ उपबंधित के अधीन रहते हुए हिन्दी, जन प्रयोजनों के अतिरिक्त, जो कि संविधान द्वारा विशेष रूप से अपवर्जित कर दिये गये हैं, समस्त प्रयोजनों के लिए तथा ऐसे विषयों के संबंध में, के अतिरिक्त जैसे कि राज्य-शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचना द्वारा उल्लिखित किये जाएं, राज्य की राजभाषा होगी।
  4. विधेयकों आदि के प्रयुक्त की जाने वाली भाषा -
    (अ) राज्य विधान-मण्डल के प्रत्येक सदन में पुरःस्थापित किये जानेवाले समस्त विधेयकों में या उनमें प्रस्तावित किये जानेवाले संशोधनों में;
    (आ) राज्य विधान मण्डल में प्रत्येक सदन द्वारा पारित समस्त अधिनियमों में;
    (इ) भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के अधीन प्रख्यापित समस्त अध्यादेशों में;
    (ई) भारत के संविधान के अधीन या संसद अथवा राज्य के विधान मण्डल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन राज्य-शासन द्वारा जारी किये गये समस्त आदेशों, नियमों, विनियमों एवं उपविधियों में प्रयुक्त की जानेवाली भाषा ऐसे दिनांक को तथा से, जिसे कि राज्य शासन पूर्वोक्त पदों में से प्रत्येक पद के संबंध में अधिसूचना द्वारा नियत करेगा, हिन्दी होगी।
  5. नियम तथा निरसन -
    (१) शासन को इस अधिनियम के उपबन्धों की कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्राप्त होगी।
    (२) मध्यप्रदेश आफिशियल लैंगवेजेज एक्ट, १९५० (मध्यप्रदेश की राजभाषाओं का अधिनियम, १९५०) (क्रमांक २४, सन्‌ १९५०) तथा मध्यभारत शासकीय भाषा विधान, संवत्‌ २००७ (क्रमांक ६७, सन्‌ १९५०) निरस्त हो जाएंगे।

THE MADHYA PRADESH OFFICIAL LANGUAGE ACT, 1957
(No.5 of 1958)
[Received the assent of the Governor on the 24th January, 1958: assent first published in the Madhaya Pradesh Gazette, on the 7th February, 1958]

An Act to declare the Official language of the State of Madhya Pradesh/Chhattisgarh
Whereas, it is expedient to provide for the adoption of Hindi as the language to be used for the official purposes of the State of Madhya Pradesh/Chhattisgarh;
It is enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the Eighth year of the Republic of India as follows :-

  1. short title extent and commencement -
    (1) This Act, may be called the Chhattisgarh Official Language Act, 1957.
    (2) It extends to the whole of Madhya Pradesh and it shall come into force immediately on its publication in the Gazette.
  2. Definition - In this Act, unless there is anything repugnant in the subject or context, "Hindi" means Hindi in the devanagari Script.
  3. Official Language for Official purposes of the State - Subject as hereinafter provided, Hindi shall he the official language of the State for all purposes except such purposes as are specifically excluded by the Constitution and in respect of such matters as may be specified by Government from time to time by notification.
  4. Language to be used in Bills, etc - The Language to be used in -
    (a) All bills to be introduced or amendments thereto to be moved in each House of the State Legislature;
    (b) All Acts passed by each House of the State Legislatute;
    (c) All Ordinances promulgated under Article 213 of the Constitution of India;
    (d) All Orders, rules, regulations and byelaws issued by the State Government under the constitution of India or under any law made by the Parliament or the Legislature of the State; shall, on and from such date, as the State Government may in respect of each of the items aforesaid appoint by notification, be Hindi.
  5. Rules and repeal -
    (1) The Government shall have power to make rules for carrying out the provisions of this Act.
    (2) The Madhya Pradesh Official Language act, 1950 (XXIV of 1950), and the Madhya Bharat Official Language Act, Samvat 2007 (No.67 of 1950) shall stand repealed.